
बीकापुर में रास्ता विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष।
अयोध्या जनपद के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मलेथू कनक गांव में शनिवार को गलियारे (कोलिया) के मामूली विवाद ने बेहद हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। यहाँ रास्ते के वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते लाठी-डंडे और लोहे की रॉड निकल आईं। इस हिंसक झड़प के दौरान विपक्षी दल ने एक बुजुर्ग दंपती को निशाना बनाते हुए उन पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इस वारदात के बाद से ही गांव में दो पक्षों के बीच भारी तनाव का माहौल व्याप्त है, जिसे देखते हुए पुलिस मुस्तैद हो गई है।
घायल पक्ष द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गांव के निवासी भगवान सिंह (64 वर्ष) और उनकी पत्नी मालती सिंह (53 वर्ष) पर उनके ही पड़ोसी रिंकू और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने घात लगाकर हमला बोला। पीड़ित पक्ष का संगीन आरोप है कि हमलावरों ने पुरानी रंजिश और रास्ते के विवाद को लेकर गाली-गलौज शुरू की और विरोध करने पर लोहे की रॉड से उनके सिर और शरीर पर कई वार किए, जिससे दोनों बुजुर्ग दंपती लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के ग्रामीण और अन्य लोग बीच-बचाव करने के लिए दौड़े, तो खुद को घिरता देख हमलावर वहां से भाग निकले।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत यूपी डायल 112 पीआरबी पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पीआरबी की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के कदम रखने से पहले ही आरोपी पीड़ित दंपती को जान से मारने की खुली धमकी देते हुए रफूचक्कर हो चुके थे। पुलिस टीम ने सूझबूझ और संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों लहूलुहान घायलों को तुरंत अपनी सुरक्षा घेरे में लिया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
बीकापुर कोतवाली प्रभारी अमरेंद्र बहादुर सिंह के त्वरित निर्देश पर दोनों घायलों का विधिक मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद अस्पताल केआपातकालीन वार्ड में तैनात डॉ. धर्मेंद्र ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, दंपती के सिर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर बनी हुई है।
इस संबंध में कोतवाली प्रभारी अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से तकनीकी व स्थलीय जांच की जा रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि लिखित तहरीर मिलते ही आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की संभावित ठिकानों पर तलाश में जुट गई हैं। उधर, इस कायराना हमले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है; उन्होंने पुलिस प्रशासन से हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी करने और मलेथू कनक गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।









